World First Aid Day - विश्व प्राथमिक उपचार दिवस
दुनिया भर में विश्व प्राथमिक चिकित्सा दिवस मनाया जाता है। यह दिन प्राथमिक चिकित्सा के सम्बन्ध में लोगों में जागरूकता बढ़ाने के अवसर के रूप में मनाया जाता है। प्राथमिक चिकित्सा या फर्स्ट ऐड ऐसा उपाय है जिसकी जानकारी से बहुत सारे जीवन को समय पर ही बचाया जा सकता है। प्रति वर्ष की भांति इस साल भी फर्स्ट ऐड डे का थीम निर्धारित है, जो की सड़क के आस-पास के सुरक्षा मुद्दों को स्वीकार करते हुए दिया गया है - " प्राथमिक चिकित्सा और सड़क सुरक्षा "
यह प्रयास जीवन बचाने का एक बेहतरीन उदाहरण हो सकता है इसी सोच के साथ सन 2000 में इंटरनेशनल रेड क्रॉस रेड क्रिसेंट मूवमेंट द्वारा वर्ल्ड फर्स्ट ऐड या विश्व प्राथमिक उपचार दिवस पेश किया गया था।
लोगों में यातायात जागरूकता की कमी के कारण सड़क दुर्घटनाएं आज एक प्रमुख समस्या बनकर उभर रही है, इस तेज़ रफ़्तार ज़िन्दगी में किसी को भी जान-माल की चिंता नहीं है यह अज्ञानता एक वैश्विक हत्यारा बन गया है। आज के आंकड़ों में यातायात दुर्घटनाओं से हर 30 सेकंड में मौत होती है। इनमे प्राथमिक उपचार न मिल पाने के कारण दुर्घटनाग्रस्त मौतों की मात्रा 50 प्रतिशत से ज्यादा होती हैं। इस समस्या से निजात पाने का सबसे कारगर उपाय है की लोगों को जागरूक किया जाये क्योंकि इस नुकसान में से अधिकांश को रोका जा सकता है। प्राथमिक चिकित्सा की जानकारी सह प्रशिक्षण दुर्घटनाओं और मामूली या गंभीर चोट के मामलों में रोकथाम पर नागरिकों को शिक्षित करता है, और आपात स्थिति को हल करने के लिए कौशल देता है।
इस वर्ष रेड क्रॉस रेड क्रिसेंट अपने फर्स्ट ऐड कम्पैन के माध्यम से प्रत्येक ड्राइविंग लाइसेंस उम्मीदवार के लिए प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण अनिवार्य बनाने के लिए प्रावधानों की मांग कर रहा है। इसके अलावा भी नागरिक सुरक्षा हेतु व्यक्ति के जीवन के सभी चरणों में जैसे की स्कूल में, कार्यस्थल पर, समाजिक तौर पर प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण शुरू करना भी शानदार परिणाम दे सकती है। प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण निःशुल्क और पहुंच में होना चाहिए ताकि सभी इसका लाभ उठा सकें।
कब मनाया जाता है ?
विश्व प्राथमिक उपचार या वर्ल्ड फर्स्ट एड डे सितंबर में दूसरे शनिवार को आयोजित एक वैश्विक कार्यक्रम है। जिसे सन 2000 से प्रत्येक वर्ष मनाया जाता है।
दुनिया भर के लगभग 100 से अधिक रेड क्रॉस और रेड क्रिसेंट सोसाइटीज द्वारा सितंबर के दूसरे शनिवार को दुर्घटनाओं, घटनाओं और आपात स्थिति से निपटने के लिए सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्राथमिक चिकित्सा दिवस मनाया जाता है।
2018 फर्स्ट ऐड डे थीम - " First Response to Road Crashes."
प्राथमिक चिकित्सा क्या है ?
प्राथमिक चिकित्सा- अचानक कोई दुर्घटना या आपात स्थिति उत्पन्न हो जाने की स्थिति से निपटने या क्षति को काम करने के लिए किये गए उपायों को ही प्राथमिक चिकित्सा या प्राथमिक उपचार कहा जाता है। यह एक प्रकार की सहायता है जिससे की पीड़ित व्यक्ति को त्वरित थोड़ी-बहुत राहत मिल सक।
इस प्रयास का मुख्य लक्ष्य जीवन को संरक्षित करना और स्थिति को खराब होने से रोकना है। हर एक जगह पर हमेशा चिकित्सा कर्मी उपस्थित नहीं हो सकते अतः आम लोगों को भी प्रयास करना होता है इसलिए यह ज्ञान सबके लिए आवश्यक है।
कभी-कभी प्राथमिक चिकित्सा के लिए किसी भी प्रशिक्षण या पूर्व ज्ञान की आवश्यकता नहीं होती है और व्यक्ति मामूली प्रयास से सामने वाली की जान बचा सकता है। हालांकि इसके दुष्परिणाम भी हो सकते है क्योकि यदि प्राथमिक चिकित्सा करने वाले व्यक्ति को यह नहीं पता कि वे क्या कर रहे हैं, तो वे मदद करने के बजाय चोट पहुंच सकते हैं।मगर इसमें सुधार की सम्भावना शामिल को किया जा सकता है। इसी वजह से IFRC लोगों को बुनियादी प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण से गुजरने के लिए या कम से कम किसी भी विश्वसनीय स्रोत का उपयोग करके खुद को प्रशिक्षित करने के लिए प्रोत्साहित करता है एवं स्वयं भी शिक्षित करता है।
विश्व प्राथमिक चिकित्सा दिवस का उद्देश्य जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्राथमिक चिकित्सा कैसे चोटों को रोक सकती है और रोजमर्रा की और संकट स्थितियों में जीवन को बचाने के साथ-साथ प्राथमिक चिकित्सा की पहुंच को बढ़ावा देने के लिए भी जान सकती है। इस दिन आयोजित घटनाक्रम और गतिविधियां प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित करती हैं। हर साल, दिन के लिए एक नई वैश्विक थीम चुना जाता है, और प्रतिभागियों को वर्तमान वर्ष की थीम के अनुसार घटनाओं की योजना बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
अपर्याप्त संसाधन या जानकारी के कारण समय पर सहायता की कमी हो जाती है और हर साल लाखों लोग घायल हो जाते हैं या मारे जाते हैं। पेशेवर मदद की प्रतीक्षा करने के बजाय तत्काल कार्रवाई करना और सही जानकारी के साथ उचित तकनीकों को अपनाने से दुर्घटनाओं से होने वाली क्षति को काम किया जा सकता या टाला जा सकता है। प्राथमिक चिकित्सा का होना आपातकालीन सेवाओं के लिए प्रतिस्थापन नहीं है बल्कि यह एक अतिरिक्त प्रयास है जो गंभीर चोटों को कम करने और जीवित रहने की संभावनाओं को बेहतर बनाने में मदद करता है।
प्राथमिक उपचार का ज्ञान होना युद्ध-ग्रस्त या आपदा प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए बहुत ज्यादा हितकर है। ऐसे क्षेत्रों में इस प्रकार की जानकारी होना ही चाहिए।
